राष्ट्रपति भवन में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित पारंपरिक ‘एट होम रिसेप्शन’ के दौरान एक बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा इस अवसर पर पारंपरिक नॉर्थ-ईस्टर्न पटका न पहनने को लेकर भाजपा ने तीखा हमला बोला है. भाजपा ने इसे अपमान करार दिया है, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए पलटवार किया है.
दरअसल, इस वर्ष गणतंत्र दिवस के ‘एट होम रिसेप्शन’ की थीम उत्तर-पूर्वी राज्यों की सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित थी. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री, विदेशी राजनयिकों और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों समेत अधिकांश अतिथियों ने पारंपरिक नॉर्थ-ईस्टर्न पटका पहनकर उत्तर-पूर्व की संस्कृति के प्रति सम्मान और समावेश का संदेश दिया. इसी बीच राहुल गांधी के पटका न पहनने को लेकर भाजपा ने सवाल खड़े कर दिए. भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें दो बार पटका पहनने की याद दिलाई थी, इसके बावजूद उन्होंने ऐसा नहीं किया. मालवीय ने राहुल गांधी से बिना शर्त माफी की मांग की और कहा कि उत्तर-पूर्व के प्रति कांग्रेस की कथित असंवेदनशीलता ही इस क्षेत्र में पार्टी के लगातार कमजोर प्रदर्शन का कारण रही है.
असम सीएम ने भी लगाया आरोप
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरते हुए उन पर हमला बोला है. हिमंत बिस्वा ने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेशी मेहमानों सहित सभी ने पारंपरिक पटका पहनकर सम्मान दिखाया, लेकिन राहुल गांधी अकेले ऐसे नेता रहे जिन्होंने ऐसा नहीं किया. सरमा ने कहा कि इस तरह के व्यवहार से क्षेत्र के लोगों की भावनाएं आहत होती हैं.
BJP के आरोपों पर कांग्रेस का आक्रामक जवाब
भाजपा के आरोपों के जवाब में कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने उसी एट होम रिसेप्शन की एक तस्वीर साझा की, जिसमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी बिना पटका नजर आ रहे हैं. खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से सवाल किया कि क्या वह राजनाथ सिंह से भी माफी की मांग करेंगे, या फिर यह पूरा मामला केवल राहुल गांधी को निशाना बनाने की राजनीति है.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस तरह के मुद्दों को उछालकर देश और विशेष रूप से असम में कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे महंगाई, बेरोजगारी और जनहित से जुड़े सवालों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम में मौजूद अन्य नेताओं द्वारा पटका न पहनने पर भाजपा की चुप्पी उसके दोहरे मापदंडों को उजागर करती है.






















