मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय करीब आ गया है, लेकिन प्रदेश में बारिश का दौर अभी जारी है। मानसून की सामान्य अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक मानी जाती है और अब इसकी विदाई में सिर्फ चार दिन बाकी हैं। इसके बावजूद पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है।
लगातार बारिश के कारण कई नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। डिंडौरी और उमरिया में स्थिति ज्यादा प्रभावित हुई है। यहां पुलों पर पानी आने के साथ बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करनी पड़ी। बरगी, जोहिला और बिलगांव बांध से भी पानी छोड़ा गया है।
रविवार को 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार को मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
इन जिलों में भी बारिश के आसार
रविवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना है।
वहीं नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में भी बारिश होने के आसार हैं।
तीन दिन की बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा
डिंडौरी और उमरिया में लगातार तीन दिनों से बारिश हो रही है। बारिश के कारण नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। डिंडौरी में जोगी टिकरिया पुल के डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ। इसका असर जबलपुर-अमरकंटक राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी देखने को मिला।
शहपुरा क्षेत्र के बिलगांव बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। वहीं उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र से जुड़े जोहिला बांध के चार गेट करीब दो-दो मीटर तक खोले गए।
बरगी बांध के भी बढ़े गेट
जबलपुर के बरगी बांध में लगातार पानी की आवक बढ़ने के कारण शुक्रवार को पांच गेट खोले गए थे। पानी की आवक जारी रहने पर शनिवार को चार और गेट खोलने पड़े। इससे बांध से पानी की निकासी बढ़ गई।
प्रशासन और संबंधित विभाग जलस्तर तथा पानी की आवक पर नजर बनाए हुए हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश में गहरे अवदाब का असर
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, गहरे अवदाब के प्रभाव के कारण प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर बना हुआ है। इसका प्रभाव अगले 24 घंटे तक बने रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम में सुधार और आसमान साफ होने की स्थिति बन सकती है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रदेश में सामान्य अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक रहती है। ऐसे में मानसून की विदाई का समय नजदीक है। राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है, जबकि मध्य प्रदेश में अभी बारिश का दौर बना हुआ है।





















