क्षिति, जल, पावक, गगन, समीरा पंचतत्व …..
July 26, 2021
दिल्ली : हनुमान जी की लीलाओं का गान है सुंदर कांड अतुलित बलधामं, हेमशैलाभदेहं। दनुजवनकृशानुं, ज्ञानिनामग्रगण्यम्। सकलगुण निधानं, वानराणामधीशं। रघुपतिप्रिय ...
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