सत्यम् लाइव, 27 अगस्त 2021, दिल्ली।। शिक्षक के रूप में कार्य करने से व्यक्ति को एक अलग ही सम्मान प्राप्त होता है। शिक्षक समाज का एक जिम्मेदारी और लगातार गहन अध्ययन करने वाला व्यक्त्वि माना जाता है। शिक्षक समाज में सकारात्मक विचारों और सही मार्ग दर्शन दिखाने वाला जाना जाता है। अध्यापक किसान की तरह से है। जिस तरह एक किसान अपने फसल को देख रेख करता है उसी तरह से अध्यापक समाज का निर्माण कर समाज को हर नकारात्मक प्रभाव से बचाने का प्रयास करता है ताकि उसके द्वारा निर्माण की गयी फसल आगे चलकर अच्छी उपज दे सके। अध्यापक बच्चों में, अपने देश के प्रति, समाज के प्रति एक चरित्रवान समाज का निर्माण करने की अहम भूमिका निभाता है। आज के दौर में शिक्षा क्षेत्र में शिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए अभियार्थियों के पास शिक्षक संबधित डिग्री होनी चाहिए। तभी आप अध्यापक के तौर स्कूलों में अपनी सेवा कर दे सकते हैं। समय के साथ ऐसे कई शिक्षण संस्थान है जो शिक्षक की डिग्री प्रदान करते है। जिसमें सरकारी के साथ निजी शिक्षक संस्थान भी है। निजी शिक्षण संस्थानो से डिग्री प्राप्त करना काफी मंहगा पडता है। तो वही सरकारी शिक्षण संस्थान इन्ही कोर्सो को काफी किफायती फीस में इन कोर्सा को करवाता है। बशर्ते की आप उस कोर्स के लिए शैक्षिण पात्रता रखते हो। आइए जानते है उन सरकारी शैक्षिण संस्थानों को जिसमें आप दाखिला लेकर समाज के निर्मात बन सकने हेतु डिग्री प्राप्त कर सकते हैं शिक्षक के रूप में, जो विद्यार्थी कार्य करना चाहते है। उनके लिए एक सुनहरा मौका होता है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद दिल्ली शिक्षक के लिए दो कोर्स DPSE AND D.ELED
Diploma in Pre Primary Education (DPSE) यह कोर्स दो साल के लिए है। इस कोर्स को करने के लिए अभियार्थी को 12वीं में 50 प्रतिशत अंक के साथ पास होना जरूरी है। आयु सीमा 24 वर्ष है। इस कोर्स के लिए चयन मेरिट के माध्यम से होता है।
D.ELED यह कोर्स दो साल के लिए है। इस कोर्स को करने के लिए अभियार्थी को 12वीं में 50 प्रतिशत अंक के साथ पास होना जरूरी है। आयु सीमा 24 वर्ष है। इस कोर्स के लिए चयन मेरिट के माध्यम से होता है। पाठको से अनुरोध है की इन कोर्सा के बारे में अधिक जानकारी के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद दिल्ली SCERT के अधिकारीक वेबसाइट पर जाकर इन कोर्सो के प्रोसपेक्टस डॉउनलोड कर के ले सकते है।
मंसूर आलम





















