प्रस्तावना: अपराध पर यूपी पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू किया गया “Mission Shakti 5.0” अब राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया है। इस मिशन के तहत सिर्फ 20 दिनों में 256 अपराधियों को ढेर किया गया और सैकड़ों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त अपराध-नियंत्रण नीति और पुलिस की सक्रियता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रदेश में अब अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है।
क्या है मिशन शक्ति 5.0?
“Mission Shakti 5.0” उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया एक विशेष अभियान है।
इस मिशन की शुरुआत 2020 में हुई थी, और इसका पांचवां चरण हाल ही में लॉन्च किया गया।
इस बार इसका दायरा सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें संगठित अपराध, गैंगस्टर और वांछित अपराधियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
20 दिनों में बड़े एक्शन – आंकड़ों में मिशन की सफलता
राज्य के पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
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256 अपराधी एनकाउंटर में मारे गए या घायल हुए
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500 से अधिक अपराधी गिरफ्तार किए गए
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100 से अधिक अवैध हथियार जब्त किए गए
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350 से अधिक गैंग्स की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई
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महिला अपराधों में 25% की कमी दर्ज की गई
इन सभी अभियानों में सबसे अधिक सफलता मेरठ जोन पुलिस ने हासिल की है।
मेरठ जोन बना मिशन का चेहरा
मेरठ जोन, जिसमें मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली जैसे जिले आते हैं, ने मिशन शक्ति 5.0 में सबसे ज्यादा सक्रियता दिखाई।
यहां पिछले 20 दिनों में:
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90 से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी
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60 एनकाउंटर ऑपरेशन
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15 गैंगस्टरों की संपत्तियों पर कुर्की
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महिला हेल्पलाइन 1090 पर 12,000 से अधिक कॉल्स का निपटारा किया गया।
मेरठ जोन के एडीजी राजीव सबरवाल ने बताया कि पुलिस का फोकस “फियर-फ्री सोसाइटी” बनाने पर है — जहाँ अपराधी डरें और आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें।
महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान
मिशन शक्ति की मूल आत्मा “महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन” है।
इस अभियान में महिला पुलिस कर्मियों की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है।
“पिंक बूथ” और “शक्ति मोबाइल” जैसे अभियानों के तहत स्कूली छात्राओं, कॉलेजों और बाजारों में सुरक्षा गश्त बढ़ाई गई है।
साथ ही, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और 181 को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
गाजियाबाद की एसपी (महिला सुरक्षा) वंदना मिश्रा ने कहा —
“हम हर जिले में महिला सहायता डेस्क को सशक्त बना रहे हैं। अब शिकायत दर्ज करना और मदद पाना बेहद आसान हो गया है।”
गैंगस्टरों पर शिकंजा – संपत्तियाँ जब्त
मिशन शक्ति 5.0 का एक अहम पहलू आर्थिक रूप से अपराधियों को कमजोर करना भी है।
राज्यभर में 350 से अधिक गैंग्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ₹150 करोड़ से अधिक की संपत्तियाँ जब्त की गई हैं।
इनमें अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी जैसे पुराने नेटवर्क से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि जब अपराधियों की आर्थिक जड़ें काटी जाएँगी, तो अपराध पर नियंत्रण और मजबूत होगा।
सीएम योगी का संदेश: “अपराधी या तो जेल में होंगे या प्रदेश छोड़ देंगे”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति की समीक्षा बैठक में कहा:
“अपराधियों को यह समझ लेना चाहिए कि यूपी में अब सिर्फ दो ही जगहें बची हैं — जेल या प्रदेश के बाहर।”
उन्होंने पुलिस विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिस्टम पारदर्शी, संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई वाला होना चाहिए।
योगी सरकार लगातार “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है।
सोशल मीडिया और जनता का समर्थन
सोशल मीडिया पर मिशन शक्ति 5.0 को लेकर जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
लोग ट्विटर (अब X) और फेसबुक पर #MissionShakti और #UPPolice ट्रेंड करा रहे हैं।
कई यूज़र्स ने पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए लिखा —
“आज यूपी में अपराधी डरते हैं और जनता चैन की नींद सोती है।”
विशेष उपलब्धियाँ और भविष्य की योजना
मिशन शक्ति 5.0 के तहत सिर्फ अपराधियों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि जागरूकता और सुधार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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स्कूलों और कॉलेजों में सेफ्टी अवेयरनेस कैंपेन चलाए जा रहे हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस-जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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साइबर अपराध रोकने के लिए साइबर हेल्पडेस्क बनाई गई है।
भविष्य में मिशन शक्ति 6.0 के तहत AI-आधारित सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन मॉनिटरिंग, और रियल टाइम क्राइम ट्रैकिंग सिस्टम (RTCTS) को लागू करने की योजना है।
निष्कर्ष: मिशन शक्ति बना अपराधियों का ‘किल स्विच’
“Mission Shakti 5.0” ने न सिर्फ अपराधियों की कमर तोड़ी है, बल्कि जनता का भरोसा भी जीता है।
मेरठ जोन की सफलता यह दर्शाती है कि जब पुलिस और सरकार मिलकर संकल्प लें, तो अपराध पर लगाम लगाई जा सकती है।
यह मिशन अब सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि “नए उत्तर प्रदेश” की तस्वीर बन चुका है — जहाँ सुरक्षा ही प्राथमिकता है।





















