इंदौर नगर निगम में करीब एक दशक से ड्राइवर के पद पर कार्यरत धर्मेंद्र धारू ने संदिग्ध परिस्थितियों में विषैला पदार्थ पीकर जान देने की कोशिश की। तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाय अस्पताल) लेकर पहुंचे। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में आईसीयू में इलाज जारी है।
घटना से पहले वीडियो रिकॉर्ड करने का दावा
बताया जा रहा है कि विषैला पदार्थ पीने से पहले धर्मेंद्र धारू ने अपने मोबाइल फोन से एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था। वीडियो में उन्होंने अपनी स्थिति और कथित मानसिक दबाव को लेकर कुछ आरोप लगाए हैं।
धर्मेंद्र के मुताबिक, उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि बिना किसी गलती या स्पष्ट कारण के उन्हें काम से हटा दिया गया और पिछले दो दिनों से वाहन चलाने की अनुमति भी नहीं दी जा रही थी।
वीडियो में उन्होंने इन परिस्थितियों के कारण खुद को मानसिक रूप से परेशान और तनावग्रस्त बताया है।
पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा मामला
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वीडियो में लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कर्मचारी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया और क्या कथित कार्यस्थल विवाद का इससे कोई संबंध था।
फिलहाल धर्मेंद्र धारू का एमवाय अस्पताल के आईसीयू में उपचार चल रहा है। मामले से जुड़े अन्य पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




















