उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए तनाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था की कमान 5 एएसपी, 21 डीएसपी और 32 टीआई स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। उज्जैन के अलावा रतलाम, नीमच, इंदौर, देवास और शाजापुर समेत आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
मौके पर आरएएफ और एसटीएफ की तीन कंपनियां तैनात हैं। कुल मिलाकर 2500 से अधिक जवानों और 850 महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई नुमाइंदा कमेटी की ओर से जारी है। बताया गया है कि मुस्लिम समाज के करीब 40 लोग दिन-रात मौके पर मौजूद रहकर प्रभावित हिस्सों को हटाने के काम में जुटे हुए हैं।
प्रशासन की ओर से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।
28 सितंबर के उपद्रव मामले में 8 FIR
28 सितंबर को हुए उपद्रव के मामले में उज्जैन पुलिस की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, अब तक 8 FIR दर्ज की गई हैं और 35 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें से 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश, अफवाह और कथित फर्जी वीडियो फैलाने वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज/अकाउंट भी ब्लॉक करवाए हैं।
मोबाइल और कॉल डिटेल की जांच
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले, घटना के दौरान और उसके बाद आरोपी किन लोगों और संगठनों के संपर्क में थे। इसके अलावा दूसरे जिलों से भी आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मंगाया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, यदि किसी आरोपी का आपराधिक इतिहास सामने आता है तो उसकी जमानत रद्द कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।



















