बिहार के वैशाली जिले में गंगा और गंडक नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से राघोपुर प्रखंड में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। पिछले 15 दिनों से अधिक समय तक बाढ़ की स्थिति झेलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि मानसून सीजन में तीसरी बार पानी रिहायशी इलाकों में पहुंचने लगा है। इससे पूरे क्षेत्र में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है।
बाढ़ के पानी के बढ़ते फैलाव ने राघोपुर प्रखंड के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। स्थानीय लोगों के लिए आवागमन और रोजमर्रा के कामकाज में मुश्किलें बढ़ गई हैं।
थाना परिसर और मुख्य बाजार में घुसा पानी
बाढ़ के पानी के फैलने से जुड़ावनपुर थाना परिसर, बिंदा मार्केट, शिवनगर और जुड़ावनपुर बाजार में जलजमाव हो गया है। जुड़ावनपुर से वीरपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर भी घुटने तक पानी जमा होने की जानकारी है।
इसके अलावा बिंदा मार्केट से विश्राम टोला तक, कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल के पाया नंबर 28-29 के आसपास और कमल सिंह उच्च विद्यालय, राघोपुर पश्चिम के समीप भी भारी जलजमाव हो गया है।
पुलिसकर्मियों की बढ़ी परेशानी
जुड़ावनपुर थाने के परिसर में पानी भर जाने से पुलिसकर्मियों को दैनिक कामकाज और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रात के समय जलजमाव वाले क्षेत्रों में जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का खतरा भी बना हुआ है, जिससे पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
तीसरी बार बाढ़ की स्थिति से बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में पहले भी लंबे समय तक बाढ़ का असर रहा है और पानी कम होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की थी। अब गंगा और गंडक के बढ़ते जलस्तर के कारण दोबारा पानी फैलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जलस्तर में लगातार बदलाव के बीच लोगों को सुरक्षित रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।




















