योगेश कुमार सोनी, पूर्वी दिल्ली | दिल्ली के शाहदरा जिले में आनंद विहार थाना पुलिस ने मोबाइल फोन चोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला के घर से अलग-अलग कंपनियों और मॉडल के 43 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें वह मोबाइल फोन भी शामिल है, जिसकी चोरी के संबंध में थाने में ई-एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने और यह पता लगाने में जुटी है कि इनका संबंध अन्य चोरी की वारदातों से है या नहीं।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को आनंद विहार थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मोबाइल फोन चोरी की ई-एफआईआर संख्या 80085740 दर्ज की गई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी हुआ मोबाइल फोन आनंद विहार स्थित जेजे कैंप में रहने वाली रेशमा नामक महिला के पास है। सूचना में यह भी बताया गया कि उसके घर पर अन्य चोरी के मोबाइल फोन हो सकते हैं।
इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया और जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस टीम गठित की गई।
घर की तलाशी में मिले 43 मोबाइल फोन
पुलिस के मुताबिक, टीम जब महिला के घर पहुंची तो रेशमा अपने बच्चों के साथ वहां मौजूद थी। पूछताछ के दौरान उसने मोबाइल फोन होने से इनकार किया। हालांकि, प्राप्त सूचना और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने कानून के अनुसार घर की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान अलग-अलग कंपनियों और मॉडल के 43 मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि महिला बरामद मोबाइल फोन के स्वामित्व से संबंधित बिल या अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता का चोरी हुआ मोबाइल फोन भी बरामद फोन में शामिल पाया गया। पुलिस ने सभी मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है।
पति और भाई की भूमिका की भी जांच
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला की पहचान रेशमा (27), पत्नी मोहम्मद तौफीक, निवासी जेजे कैंप, आनंद विहार, दिल्ली के रूप में हुई है।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान महिला ने अपने पति मोहम्मद तौफीक, भाई असलम और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ आनंद विहार बस अड्डे तथा आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर मोबाइल फोन चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात बताई है।
पुलिस इन कथित खुलासों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि और संबंधित लोगों की भूमिका का निर्धारण जांच एवं साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल तक मोबाइल फोन भेजे जाने की आशंका
पुलिस के अनुसार, जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि चोरी किए गए मोबाइल फोन को बस, रेलगाड़ी और अन्य व्यक्तियों के माध्यम से पश्चिम बंगाल भेजा जाता था, जहां उन्हें आगे खपाया जा सकता था।
पुलिस इस संभावित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, बरामद मोबाइल फोन के स्रोत और उनके कथित वितरण नेटवर्क की पुष्टि होना अभी बाकी है।
मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान के लिए तकनीकी जांच कर रही है। इसके साथ ही, गिरफ्तार महिला के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि कथित सहयोगियों और अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में आनंद विहार थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में महिला उपनिरीक्षक रीना रानी, महिला उपनिरीक्षक स्नेह, महिला कांस्टेबल निशा और कांस्टेबल रोहित भाटी की टीम शामिल रही।
यह कार्रवाई एसीपी विवेक विहार पवन कुमार की निगरानी तथा शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा (आईपीएस) के समग्र पर्यवेक्षण में की गई।
पुलिस के अनुसार, बरामद सभी 43 मोबाइल फोन के स्रोत, स्वामित्व और अन्य चोरी के मामलों से उनके संभावित संबंधों की जांच जारी है। साथ ही, संदिग्ध सह-आरोपियों और चोरी के मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।





















