गाजियाबाद | समाज की वास्तविक ताकत उसकी एकजुटता, शिक्षा और सामूहिक प्रयासों में निहित होती है। महापुरुषों के विचारों को केवल समारोहों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपने व्यवहार और कार्यों में अपनाने की आवश्यकता है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया, वहीं डॉ. सोनेलाल पटेल ने समाज को संगठित करने का प्रयास किया। इन महापुरुषों के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाज के लोगों को शिक्षा और नई पीढ़ी के विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
यह विचार रविवार को गाजियाबाद के मोहन नगर स्थित पटेल उद्यान में आयोजित सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती समारोह में मुख्य अतिथि एवं विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन सरदार पटेल सेवा संस्थान की ओर से किया गया।

सरदार पटेल ने 500 से अधिक रियासतों का कराया एकीकरण
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने 500 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के लोगों को एक मंच पर लाने और उन्हें संगठित करने का प्रयास किया। समाज की अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

सरदार पटेल का जीवन त्याग और समर्पण का उदाहरण: डॉ. सीपी सचान
समारोह में प्रोफेसर डॉ. सीपी सचान ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन त्याग, निष्ठा और समर्पण का उदाहरण है। महात्मा गांधी के कहने पर उन्होंने अपनी जिन व्यक्तिगत इच्छाओं का त्याग किया, वह उनके विराट व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर सभी को देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए कार्य करना चाहिए।

कविता के माध्यम से दिया देशभक्ति का संदेश
कार्यक्रम में कवयित्री शोभा सचान ने अपनी कविता ‘भारत की मिट्टी में हूं जन्मी, है इतनी पहचान मेरी’ के माध्यम से देशभक्ति का संदेश दिया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को काव्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे उपस्थित
समारोह में सरदार पटेल सेवा संस्थान के अध्यक्ष आरपी चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश प्रसाद वर्मा और महामंत्री बृजभान सिंह सहित संस्थान के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं एवं युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में हरि सचान, कुलदीप कटियार, राजेंद्र पटेल, राजेंद्र वर्मा, सुभाष वर्मा, त्रिभुवन नाथ पटेल, राजकुमार वर्मा, हरिकिशन पटेल, जनार्दन चौधरी, अजीत भाई पटेल, संतोष उमराव, पंकज कटियार, अजय पटेल, शिल्पी गंगवार, संयुक्ता देशमुख, सीमा सिंह, अमित गंगवार, विजय पटेल, वीरेंद्र सिंह, डॉ. राधेश्याम गंगवार, आनंद चंदेल, गोकर्ण सिंह, श्री नारायण पटेल और यशपाल भाटी समेत अन्य लोग शामिल रहे।
समारोह के माध्यम से वक्ताओं ने महापुरुषों के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने, समाज में एकता बनाए रखने तथा शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।






















