नई दिल्ली, 16 जुलाई — जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने आज गांधी स्मृति, नई दिल्ली में आयोजित “जम्मू-कश्मीर का शांति की ओर मार्च” विषयक संगोष्ठी को संबोधित किया। इस दौरान उपराज्यपाल ने साफ कहा कि “जो आतंकवादी संगठनों की भाषा बोलेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।”

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी के सपनों को साकार कर रहे हैं। 2019 से जम्मू-कश्मीर को भय और आतंक से मुक्त कर शांति का प्रतीक बनाया जा रहा है। श्री सिन्हा ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के युवा बापू के बताए सत्य, अहिंसा और करुणा के रास्ते पर चल रहे हैं।
उपराज्यपाल ने कहा, “हमारे शिक्षण संस्थान युवाओं में गांधीजी के आदर्शों का संचार कर रहे हैं। अब स्थानीय आतंकवादियों की भर्ती ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर है।”
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, जो आतंकवाद को पालता है, अब बौखलाया हुआ है और भारत की आत्मा और सांस्कृतिक विरासत को चोट पहुँचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने हाल ही के पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया और बताया कि इसके पीछे के अपराधियों की पहचान हो चुकी है और उन पर एनआईए द्वारा कार्रवाई जारी है।
उपराज्यपाल सिन्हा ने स्पष्ट किया कि “जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने और आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र को जड़ से खत्म करने के लिए भारत सरकार प्रतिबद्ध है।”
हर साल बापू की जयंती के अवसर पर कश्मीर घाटी में एक महीने लंबा शांति मार्च आयोजित होता है। यह दर्शाता है कि जम्मू-कश्मीर अब शांति की भूमि के रूप में अपनी विरासत फिर से हासिल कर रहा है।
अंत में उपराज्यपाल ने कहा, “आज कश्मीर का आम नागरिक जानता है कि उसका भविष्य भारत के साथ सुरक्षित है। युवा वर्ग विकास की मुख्यधारा में तेजी से जुड़ रहा है, जो शांति और प्रगति की दिशा में बहुत बड़ा संकेत है।”
✏️ प्रमुख बिंदु
✅ आतंकवादियों की भाषा बोलने वालों पर सख़्त कार्रवाई
✅ पहलगाम हमले के दोषियों की पहचान, NIA की जांच जारी
✅ बापू की विचारधारा से युवाओं को जोड़ा जा रहा है
✅ पाकिस्तान को भारत की शांति नीति से झटका
✅ जम्मू-कश्मीर में अब भय और आतंक का कोई स्थान नहीं





















