सत्यम् लाइव, 24 जुलाई 2021, दिल्ली।। हाकर्स जॉइंट एक्शन कमिटी के बैनर तले दिल्ली के हजारों रेहड़ी पटरी और साप्ताहिक बाज़ार वालों ने दिल्ली के उपराज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के निवास तक जुलूस निकाला। सभी ने हाथ में कटोरा ले रक्षा था। दिल्ली के रेहड़ी पटरी और साप्ताहिक बाज़ार वालों की मांग रखी कि उन्हें रोज़ी-रोटी कमाने का अधिकार दें
या 18,000 रुपये प्रतिमाह का मुआवजा दिया जाये। अपने घर से कटोरा और थाली लेकर आये जनता को पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के पास रोक लिया। जुलुस रोके जाने पर सभी वहीं बैठ गए और लगातार प्रदर्शन को जारी रखा। हाकर्स जॉइंट एक्शन कमेटी ने दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन देते हुए अवगत कराया कि यदि जल्दी ही उचित निर्णय नहीं लिया गया तो क़र्ज़ और लाचारी से रेहरी पटरी व साप्ताहिक बाज़ार वालों को सड़क पर आन्दोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस आन्दोलन की जिम्मेदार सरकार स्वयं होगी।

गौरतलब है की 23 मार्च 2020 के बाद साप्ताहिक बाजारों लगभग लगातार ही बंद चल रही है। जबकि अक्टूबर 2020 बाज़ारों को खोला गया साथ ही साप्ताहिक बाज़ार अभी भी लगभग प्रतिबंधित है जबकि भीडभाड वाले सभी बाज़ार खोल दिए गए है। सरकार ने रेहड़ी पटरी तथा साप्ताहिक बाज़ार को नज़रंदाज़ कर रखा है। हाकर्स जॉइंट एक्शन कमिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि रेहड़ी पटरी में दिव्यांग, विधवा महिलाऐं भी अपना परिवार चलाती हैं। कार्यकारी अध्यक्ष हाकिम सिंह रावत ने बताया कि इस समय इनको तत्काल आर्थिक सहायता देने की आवयकता है। संस्था की महासचिव सुषमा शर्मा ने बताया की इस समय 10,000 रुपया का लोन लेने से भी लोग कतरा रहे है। उत्तरी दिल्ली के अध्यक्ष अश्वनी बागड़ी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की दिल्ली के व्यस्तम बाजारों और शराब ठेकों को खोला जा चुका है लेकिन रेहरी पटरी और साप्ताहिक बाज़ार वालों की गंभीर परिस्थितियों को नज़रंदाज़ किया जा रहा है।
सुनील शुक्ल





















