लखनऊ, 16 अक्टूबर 2025: Uttar Pradesh food adulteration drive दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) द्वारा 8 से 17 अक्टूबर के बीच चलाए गए इस विशेष अभियान में 2,993 क्विंटल मिलावटी और अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3.88 करोड़ बताई जा रही है।
इनमें से 1,155 क्विंटल सामग्री मानव उपभोग के लायक नहीं पाई गई और मौके पर ही नष्ट कर दी गई।
उन्नाव, मथुरा और लखनऊ में मिलावटखोरी के मामलों में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं।
राज्यभर में निरीक्षण और छापे
अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान 4,621 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 2,085 जगहों पर छापे मारे गए।
2,853 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए। यह दिखाता है कि यह केवल एक औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक व्यापक राज्यव्यापी जांच अभियान था।
डॉ. रोशन जैकब, सचिव, FSDA ने बताया कि यह अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाया गया ताकि त्योहारों के समय सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री आम जनता तक पहुंच सके।
जब्त की गई सामग्री: मिठाइयाँ, खोया, पनीर और तेल
अभियान के दौरान अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में मिठाई, खोया, पनीर, दूध और खाद्य तेल जब्त किया। प्रमुख कार्रवाई इस प्रकार रही:
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हापुड़: 6,000 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल
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गोरखपुर: 1,400 किलो पनीर और खोया
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बुलंदशहर: 3,000 किलो रसगुल्ले और गुलाबजामुन
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लखनऊ: 802 किलो खोया नष्ट
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उन्नाव: 215 किलो खोया जब्त, एक FIR दर्ज
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मथुरा: 400 किलो सिंथेटिक पनीर जब्त
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बाराबंकी टोल: 910 कार्टन नकली मिठाई जब्त
कार्रवाई टोल प्लाजा और हाइवे तक पहुंचाई गई ताकि जिलों के बीच मिलावटी खाद्य सामग्री की आवाजाही रोकी जा सके।
जनता से अपील और हेल्पलाइन नंबर
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और किसी भी मिलावटी या नकली खाद्य पदार्थ की जानकारी दें।
शिकायत करने के लिए नंबर जारी किए गए हैं:
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टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-180-5533
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व्हाट्सएप: 9793429747
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नकली दवाओं के लिए: 8756128434
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
️ सरकार का रुख: मिलावट पर जीरो टॉलरेंस
डॉ. रोशन जैकब ने कहा —
“यह अभियान हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि त्योहारी सीजन में जनता को स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिले। किसी भी प्रकार की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि जब्त सामग्री को मौके पर ही नष्ट किया जा रहा है और विभागीय टीमें शहरी से ग्रामीण इलाकों तक सक्रिय हैं।
⚠️ मिलावट का स्वास्थ्य पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, मिलावटी खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं।
सिंथेटिक रंग, स्टार्च, टैल्कम पाउडर, और रिफाइंड तेल जैसी सामग्री का प्रयोग मिठाइयों में किया जा रहा है।
डॉ. रूपेंद्र श्रीवास्तव (लोकबंधु अस्पताल) ने बताया कि इन पदार्थों के लगातार सेवन से फेफड़ों और पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ सकता है और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
निष्कर्ष: निरंतर निगरानी जरूरी
यह अभियान मिलावटखोरी के खिलाफ एक मजबूत पहल है, लेकिन सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब ऐसे अभियान नियमित रूप से जारी रहें और जनजागरूकता बढ़े।
जनता की सक्रिय भागीदारी और सरकार की सख्त कार्रवाई से ही त्योहारों को स्वास्थ्य-सुरक्षित और मिलावट-मुक्त बनाया जा सकता है।





















