करीमनगर, 2 दिसंबर। वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया (WJI) के तेलंगाना राज्य उपाध्यक्ष तदुरु करुणाकर ने ‘महा धरना’ के उद्देश्य पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ नेता पत्रकारों की वास्तविक समस्याओं को हल करने के बजाय अपनी विफलताओं को छिपाने और निजी लाभ प्राप्त करने के लिए इस आंदोलन का उपयोग कर रहे हैं।
करीमनगर स्थित डब्ल्यूजेआई कार्यालय में आयोजित जिला कार्यकारिणी बैठक में करुणाकर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के आने के बाद कुछ व्यक्तियों ने पत्रकार संघों और सरकार के बीच अनावश्यक दूरी बढ़ा दी और अब वही लोग स्थिति का गलत लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने लंबे समय से लंबित पत्रकार मान्यता (Accreditation) प्रक्रिया पर भी तीखे सवाल उठाए।
करुणाकर ने पूछा:
“दो वर्षों से पत्रकारों को मान्यता क्यों नहीं मिल रही? समिति ने क्या किया? क्या पूरी रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है या फिर सरकार ही देरी कर रही है?”
उन्होंने कहा कि प्रत्यायन समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
करुणाकर ने व्यंग्य किया कि जो लोग अपने कार्यकाल में पत्रकारों के लिए सकारात्मक कार्य नहीं कर सके, वे अब नाटक कर रहे हैं।
उन्होंने टिप्पणी की:
“जो लोग पत्रकारों के नाम पर नाटक कर रहे हैं, वे यूनियन चलाने के योग्य नहीं… वे नाटक कंपनी चलाने के लिए अधिक उपयुक्त हैं।”
उन्होंने कहा कि मीडिया अकादमी से असंबंधित व्यक्तियों को सूचना विभाग की जिम्मेदारियां सौंपना वर्तमान अव्यवस्था का मुख्य कारण है और मांग की कि आगे से यह जिम्मेदारियां केवल अकादमी-संबंधित व्यक्तियों को ही दी जाएं।
बैठक में जिला अध्यक्ष दाराम जगन्नाथ रेड्डी, महासचिव गुडाला श्रीनिवास, उपाध्यक्ष मोगुराम रमेश, कोषाध्यक्ष चितुमल्ला महेंद्र सहित कई सदस्य मौजूद रहे।





















