सत्यम् लाइव, 23 जुलाई 2021, दिल्ली। स्वतंत्र लेखन का अधिकार, सच्चाई बताना का पथ कर्त्तव्यनिष्ठ का मार्ग प्रशास्त करता है। मीडिया पर छापा दूसरी तरफ चन्द्रशोखर आजाद की जयन्ती पर बधाई कुछ अटपटा सा नहीं लगता है या फिर स्वतंत्रा के पन्ने अभी भी अधुरे हैं। इस काम का विरोध करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा है कि दैनिक भास्कर और भारत समाचार पर आयकर छापे मीडिया को डराने का प्रयास है। उनका संदेश साफ़ है- जो भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ बोलेगा, उसे बख्शेंगे नहीं।ऐसी सोच बेहद ख़तरनाक है।सभी को इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए ये छापे तुरंत बंद किए जायें और मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए।
मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ जी ने लिखा है कि मोदी सरकार में प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने का, सच को रोकने का काम शुरू से ही किया जा रहा है, अभी पेगासस जासूसी मामले में भी कई मीडिया संस्थान व उससे जुड़े लोग बड़ी संख्या में निशाने पर रहे है और अब सरकार की निरंतर पोल खोल रहे,
पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस पर मीडिया की स्वतंत्रता को रोकने के लिये मोदी सरकार को दोषी बताते हुए कहा कि कोविड पर सच्चाई दिखाने के कारण जो उनके साथ किया जा रहा है वो ठीक नहीं है।
पुण्य प्रशून बाजपेई जी ने अपनी पत्रकारिता के अन्दाज में ही प्रश्न किया है जो पूर्णतया जायज लगता है कि साहिब… IT ED Raid…. माल्या चौकसी नीरव मोदी के यहॉं क्यों नहीं हुई?
सुनील शुक्ल





















