मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि 2027 को मध्यप्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा वर्ष के दौरान युवाओं से सुझाव लिए जाएंगे और उनके विचारों के आधार पर नई योजनाओं को जमीन पर उतारने का प्रयास किया जाएगा। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने युवाओं से औपचारिक भाषण के बजाय संवाद के अंदाज में बातचीत की और उनके सवालों के जवाब भी दिए।
हर जिले के सरकारी कॉलेजों में मिलेगी मुफ्त कोचिंग
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
सरकार की ओर से हर जिले के सभी शासकीय कॉलेजों में मुफ्त कोचिंग क्लास शुरू करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे जिले और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के बीच इस घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि यह सुविधा उनके बेहतर भविष्य के लिए शुरू की जा रही है।
रिसर्च करने वाले युवाओं को भी बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से रिसर्च करने वाले युवाओं को मिलने वाली मासिक रिसर्च राशि 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की जाएगी।
इसके अलावा विश्वविद्यालयों में शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपये का शोध सहायता फंड बनाया जाएगा। यह राशि चरणबद्ध तरीके से विश्वविद्यालय निधि के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
युवाओं की भागीदारी से बनेगी नई योजनाओं की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को योजनाओं और विकास की प्रक्रिया से जोड़ना है। सरकार युवाओं से सुझाव लेकर उनकी जरूरतों के अनुरूप योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर देगी।
सीएम यूथ कॉन्क्लेव में हुई घोषणाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, उच्च शिक्षा और रिसर्च से जुड़े युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।




















