योगेश कुमार सोनी, (पूर्वी दिल्ली)। राजधानी में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (ईस्टर्न रेंज) ने अतिक्रमण के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में आनंद विहार आईएसबीटी के समीप मधु विहार ट्रैफिक सर्कल क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली नगर निगम (MCD) की संयुक्त टीम ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया।
अभियान के दौरान सड़क और फुटपाथ पर अवैध रूप से लगाए गए ठेले, रेहड़ियां और अन्य अतिक्रमण हटाए गए। कार्रवाई के दौरान एमसीडी ने तख्त, पानी की पेटियां, फ्रिज, बेंच, काउंटर, तिरपाल, स्टूल, ड्रम, छाते, कालीन, चारपाई, बांस, रेहड़ी समेत 16 प्रकार का सामान जब्त किया। इसके अलावा 10 अतिक्रमणकारियों के चालान भी किए गए।
पहले भी कई इलाकों में हो चुकी है कार्रवाई
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इससे पहले भजनपुरा, शाहदरा और नंद नगरी जैसे क्षेत्रों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जा चुके हैं। अब यह अभियान मधु विहार ट्रैफिक सर्कल तक पहुंचा है, जहां लगातार यातायात प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही थीं।
‘जहां अतिक्रमण, वहां जीरो टॉलरेंस’ : टीआई समर पाल सिंह

मधु विहार ट्रैफिक सर्कल के ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI) समर पाल सिंह ने कहा,
“हमारा मुख्य लक्ष्य ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उन सभी स्थानों पर कार्रवाई करना है, जहां अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित होता है। प्रत्येक ट्रैफिक सर्कल में ऐसे स्थानों की पहचान की गई है। स्थानीय पुलिस और दिल्ली नगर निगम के सहयोग से यह अभियान लगातार जारी रहेगा।”
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को जाम मुक्त बनाने पर फोकस

डीसीपी ट्रैफिक (ईस्टर्न रेंज) के. रमेश ने कहा कि आईएसबीटी, मेट्रो स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिक्रमण के कारण अक्सर जाम और सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति बनती है।
उन्होंने कहा,
“जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे सभी संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अतिक्रमण दोबारा न हो और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात मिल सके।”
नागरिकों से सहयोग की अपील
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी संचालकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण न करें तथा यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से ही राजधानी को जाम मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सकता है।





















