गाजियाबाद | राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, भाईचारे और जनसेवा के उद्देश्यों के साथ कार्यरत राष्ट्रीय एकता मंच ने अपने संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में पहल की है। इसी क्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक रामजीलाल वैष्णव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इंद्राज से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संगठन की विचारधारा, कार्ययोजना और भविष्य की गतिविधियों पर चर्चा की गई।
मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजीलाल वैष्णव ने मंत्री रविन्द्र इंद्राज के समक्ष संगठन के 15 प्रमुख उद्देश्यों और सामाजिक संकल्पों को प्रस्तुत किया। इनमें राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता, सामाजिक समरसता, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, युवा उत्थान, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति का संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और संगठन का राष्ट्रव्यापी विस्तार जैसे विषय शामिल हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कैबिनेट मंत्री का पुष्पमालाओं से स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही उन्हें भगवान का चित्र और अभिनंदन पत्र भेंट किया। संगठन की ओर से मंत्री के सामाजिक सरोकारों और जनसेवा से जुड़े कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता पर संगठन का जोर
राष्ट्रीय एकता मंच के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं संस्थापक पंडित संतोष मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजीलाल वैष्णव के नेतृत्व में संगठन राष्ट्रहित, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण के उद्देश्यों को लेकर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मंत्री के समक्ष संगठन के 15 प्रमुख उद्देश्यों को प्रस्तुत करने का उद्देश्य संगठन की विचारधारा और सामाजिक कार्ययोजना से अवगत कराना तथा राष्ट्र निर्माण में सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजीलाल वैष्णव का कहना है कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और नागरिकों की सामूहिक भागीदारी में निहित होती है। समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग की भावना मजबूत होने से देश के विकास एवं प्रगति को गति मिल सकती है।
राष्ट्रीय एकता मंच के 15 प्रमुख उद्देश्य
राष्ट्रीय एकता मंच ने राष्ट्र निर्माण और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निम्नलिखित 15 प्रमुख उद्देश्य निर्धारित किए हैं:
- राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता: देश में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करना तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना।
- सामाजिक समरसता: सभी जातियों, धर्मों, वर्गों और समुदायों के बीच प्रेम, भाईचारे, सौहार्द और आपसी सम्मान को बढ़ावा देना।
- शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार: शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता फैलाना तथा जरूरतमंदों को यथासंभव सहयोग देना।
- वंचित एवं जरूरतमंदों का उत्थान: गरीब, शोषित, वंचित और जरूरतमंद लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए प्रयास करना।
- युवा सशक्तिकरण: युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना।
- महिला सशक्तिकरण: महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों को बढ़ावा देना।
- पर्यावरण संरक्षण: स्वच्छता, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान चलाना।
- भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण: भारत की संस्कृति, इतिहास, परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों का संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार करना।
- सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता: भ्रष्टाचार, नशाखोरी, सामाजिक कुरीतियों और अन्य बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता फैलाना।
- कानून एवं लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान: संविधान, नागरिक अधिकारों, कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
- आपदा एवं संकट में सहायता: प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरतमंदों तक राहत एवं सहायता पहुंचाने का प्रयास करना।
- पिछड़े क्षेत्रों का विकास: पिछड़े एवं वंचित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक विकास के लिए सहयोग करना।
- राष्ट्रहित में जनभागीदारी: नागरिकों में सामाजिक जिम्मेदारी, राष्ट्रहित और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना।
- संगठन का राष्ट्रव्यापी विस्तार: संगठन को देश के विभिन्न राज्यों, जिलों, तहसीलों, ब्लॉकों और गांवों तक पहुंचाना तथा समर्पित कार्यकर्ताओं को जोड़ना।
- एक भारत–श्रेष्ठ भारत का संकल्प: एकता, समानता, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय गौरव के साथ मजबूत एवं विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना।
सर्वसमाज की भागीदारी के साथ संगठन विस्तार की योजना
राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजीलाल वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय एकता मंच किसी एक जाति, धर्म या समुदाय तक सीमित संगठन नहीं है, बल्कि सर्वसमाज के हितों को ध्यान में रखकर कार्य करने वाला सामाजिक संगठन है। संगठन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना और आपसी प्रेम, विश्वास एवं भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि संगठन में महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा, किसान मोर्चा और विभिन्न सामाजिक प्रकोष्ठों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि संगठन का विस्तार केवल पदों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निष्ठावान, कर्मठ, ईमानदार और समाजसेवा के प्रति समर्पित लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। संगठन का उद्देश्य जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक समस्याओं के समाधान और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाना है।

संगठनात्मक एकता और सामूहिक सहभागिता पर जोर
कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इंद्राज के साथ हुई इस शिष्टाचार भेंट को संगठन के पदाधिकारियों ने सकारात्मक और प्रेरणादायक अवसर बताया। राष्ट्रीय एकता मंच का मानना है कि जागरूक नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के आपसी सहयोग से जनकल्याण एवं राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजीलाल वैष्णव के साथ महासचिव पंकज शर्मा, राष्ट्रीय सलाहकार अशोक वशिष्ठ, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं संस्थापक पंडित संतोष मिश्रा, राष्ट्रीय प्रवक्ता सचिन शर्मा, प्रदेश मंत्री प्रदीप सिंह सहित विभिन्न जिलों के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय एकता मंच परिवार की ओर से कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इंद्राज के प्रति आभार व्यक्त किया गया और उनके उत्तम स्वास्थ्य, उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर जनसेवा की कामना की गई।
राष्ट्रीय एकता मंच का संकल्प: सेवा, समर्पण, सुशासन और सामाजिक समरसता के साथ राष्ट्र निर्माण। एक लक्ष्य, एक प्रयास—एकता से बनेगा महान भारत।






















