नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से देश के कई राज्यों के हज यात्री हज सफर के लिए रवाना होते हैं. हजारों की संख्या में हज यात्री दिल्ली हज अंबरीकेशन पॉइंट से रवाना होते हैं. ऐसे में दिल्ली प्रदेश हज कमेटी द्वारा 6 महीने पहले ही हज की तैयारी शुरू कर दी जाती हैं. पवित्र माह रमजान के नजदीक आते ही हज बैतुल्लाह की तैयारियाँ तेज हो गई हैं.
दिल्ली स्टेट हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी अशफाक अहमद आरफी ने बताया कि दिल्ली स्टेट हज कमेटी ने दिल्ली स्टेट से पवित्र फर्ज हज के लिए जाने वाले हज यात्रियों को हज के अरकान, विधियों और संबंधित मसलों की प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से 2 फरवरी से 17 फरवरी तक हज प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया है. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत दिल्ली के विभिन्न इलाकों के हज यात्रियों को अलग-अलग दिनों में आमंत्रित कर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
दिल्ली स्टेट हज कमेटी के उप कार्यकारी अधिकारी मोहसिन अली, हज कमेटी के आधिकारिक प्रशिक्षक, प्रसिद्ध फिटनेस ट्रेनर डॉक्टर बदरुल इस्लाह कीरानवी, मुफ्ती शमीम अहमद कासमी, आलिमा सबीहा सालेहाती तथा महिला फिटनेस ट्रेनर कौसर ने विभिन्न सत्रों में हज यात्रियों को प्रशिक्षण प्रदान किया. हज यात्रियों को प्रशिक्षण देने का दूसरा चरण रमजान मुबारक के बाद शुरू होगा, जिसमें क्षेत्रीय स्तर पर दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में हज यात्रियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.
कार्यकारी अधिकारी अशफाक आरफी ने बताया कि,
“इसी दौरान हज यात्रियों के टीकाकरण और सऊदी अरब सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय तथा हज व उमरा मंत्रालय की हिदायतों के अनुरूप, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से दिल्ली के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में हज यात्रियों की विशेष स्वास्थ्य जांच भी शुरू कर दी गई है.”
दिल्ली प्रदेश हज कमेटी द्वारा सभी हज यात्रियों से अपील की गई है कि वे रमजान मुबारक के रोजों की शुरुआत से पहले अपनी स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण की प्रक्रिया अवश्य पूरी कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की देरी से होने वाली परेशानियों से बचा जा सके.
हज 2026 के यात्रियों को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार हज की उड़ान स्वयं बुक करने का अधिकार दिया गया है. हज बैतुल्लाह के इतिहास में पहली बार इस सुविधा की उपलब्धता न केवल हज यात्रियों के लिए संतोषजनक होगी, बल्कि सऊदी अरब में हज व्यवस्थाओं में लगे प्रशासन के लिए भी यात्रियों के ठहरने की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी.
इस वर्ष हज के दौरान मूल पाँच दिनों (अय्याम-ए-हज) के प्रवास मिना में बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिसके अंतर्गत प्रत्येक हाजी को निर्धारित सोफा, बेड और सामान रखने के लिए ऊपर की रैक भी प्रदान की जाएगी. हज 2026 के दौरान अन्य महत्वपूर्ण बदलावों में मक्का में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कमरों में ठहराव, तथा पिछले वर्षों के विपरीत स्वयं भोजन पकाने पर रोक शामिल है. इसके साथ ही राशन, घी-तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री अपने साथ लेकर हज पर जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.





















