रमेश चंद्रा, नैनीताल: उत्तराखंड के आयुष क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। डॉ. किशोर चंदोला (Dr Kishor Chandola) को भारत सरकार द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह राष्ट्रीय सम्मान उन्हें आयुष, चिकित्सा शिक्षा और मानव उत्थान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
यह सम्मान भारत गौरव रत्नश्री सम्मान अवॉर्ड काउंसिल की ओर से दिया गया। इसके साथ ही डॉ. चंदोला को वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमीशन की राष्ट्रीय सदस्यता भी प्रदान की गई है। वर्तमान में डॉ. किशोर चंदोला उत्तराखंड आयुष परिषद के अध्यक्ष एवं चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्रबंध निदेशक हैं।
आयुष जगत को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
डॉ. किशोर चंदोला को यह सम्मान आयुष, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में प्रभावी व निरंतर योगदान के लिए दिया गया है। वे लंबे समय से सामाजिक और चिकित्सीय क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। उनके इस सम्मान को पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है, जिससे आयुष जगत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
विशिष्ट अतिथियों की रही मौजूदगी
सम्मान समारोह में देश-विदेश की कई नामी हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र, मिस वर्ल्ड टूरिज्म इशिता नतेजा, भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव सहित कई विदेशी राजनयिक और विशिष्ट अतिथियों ने शिरकत की। इनमें तिमोर-लेस्ते, तंजानिया, जिम्बाब्वे, लिथुआनिया, वेनेजुएला और पापुआ न्यू गिनी के दूतावासों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
सम्मान को बताया जिम्मेदारी
सम्मान प्राप्त करने पर डॉ. किशोर चंदोला ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी आयुष, चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा के क्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे तथा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के अपने संकल्प पर अडिग रहेंगे।
दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह के बाद डॉ. किशोर चंदोला को क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्तियों, चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों की ओर से शुभकामनाएं एवं बधाइयां दी गईं।





















