क्षिति, जल, पावक, गगन, समीरा पंचतत्व …..
July 26, 2021
शरीर में छठ रस का निर्माण हो इसी कारण से हर घर में रसोई बनवाई गयी और स्त्री को इसी रसोई का कार्यभार सौंपकर ''स्त्री को पुरूष की शक्ति कहा गया''। सत्यम् लाइव, 15 अप्रैल...
सत्यम् लाइव, 14 अप्रैल 2020, नई दिल्ली | नोवेल कोरोना महामारी को लेकर भारत के प्रधानमंत्री ने चिन्ता जताते हुए कहा कि आप सभी ने बडे धैर्यता से इस लडाई को लडा। हॉट स्पॉट पर...
बडी चेचक में शरीर के अन्दर खून को पूरी तरह से साफ करने वाला भोजन जैसे गाजर, चुकन्दर, पालक, चौलाई रस के अधिक लेना उचित माना जाता है साथ ही शरीर के दाग को साफ...
भारतीय वैज्ञानिक राजीव दीक्षित जी का कथन है कि ‘‘आप स्वयं को जान लो और भोजन को पहचान लो।’’ सत्यम् लाइव, 12 अप्रैल 2020, दिल्ली।। आज कोरोना का नाम लेते ही व्यक्ति सहम सा जाता...
सत्यम् लाइव, दिल्ली । भारतीय कश्यप निषाद महासंघ के राष्ट्रीय सचिव श्री राम गोपाल सिंह का कहना है कि बहुत सी जगह कॉलोनी में देखा जा रहा है जनता गलियों व सड़कों पर निकल रही...
भारत में प्लेग के लिये पुरानी कहावत प्रसिद्ध थी कि ‘‘सिन्धु नदी को नहीं पार कर पाता है प्लेग’’। इस वाक्य की वैज्ञानिकता, भौगौलिक के आधार पर बताई गयी हैं कि ‘‘प्लेग भूमध्य रेखा के...
सत्यम् लाइव, दिल्ली | हृयूमेन केयर वेलफेयर के संचालक श्री विजेन्द्र कुमार, जयानन्द एंव कार्यकर्ताओ श्री विनित कुमार, प्रवेश कुमार, विपिन शर्मा, वरुण चौहान, शुभम, गुलशन शर्मा, सर्वेश कुमार, संगीत कुमार, ने दिनाॅंक 08/04/2020 से...
सत्यम् लाइव, 10 अप्रैल, 2020, दिल्ली।। कोरोना के बढतेे कहर को देखते हुए प्राइवेट अस्पतालों को अधिग्रहित करने की योजना तैयार है दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने स्वास्थ्य विभाग को ऐसे प्राइवेट अस्पतालों की...
सत्यम् लाइव, 4 अप्रैल 2020, दिल्ली। बढता कोरोना के प्रकोप से बचने लिये लगामार हैण्ड सैनिटाइजर का उपयोग करके आप अपने आपको कीटाणुओं से बचाते रहें इससे आपके हाथ में कीटाणुओं और बैक्टीरिया हाथ से...
ऋतुचर्या के अनुसार भोजन करना ही सूर्य की गति से मेल खाती है, ये योग आपको स्वास्थ प्रदान करता है। सत्यम् लाइव, 3 अप्रैल 2020, दिल्ली। काल अर्थात् समय का जीवन में बड़ा महत्व बताया...
स्त्री पुरूष की शक्ति है अपनी रसोई के ताकत पर अपने पूरे परिवार को निरोगी काया दे सकती है। अपने घर पर ही भोज्य पदार्थों का स्वयं तैयार करने की परम्परा समाप्ति की ओर है...
संक्रमण रोग सदैव हमारे शरीर में आते जाते रहते हैं परन्तु जो काल को जानता है उसकी रक्षा महाकाल करते हैं। आयुर्वेद के माध्यम से सदैव सुरक्षित जीवन के लिये एक योजना ‘वेद ज्ञान है...
संक्रमण रोग सदैव हमारे शरीर में आते जाते रहते हैं परन्तु जो काल को जानता है उसकी रक्षा महाकाल करते हैं। आयुर्वेद के माध्यम से सदैव सुरक्षित जीवन के लिये एक योजना ‘वेद ज्ञान है...
संक्रमण रोग सदैव हमारे शरीर में आते जाते रहते हैं परन्तु जो काल को जानता है उसकी रक्षा महाकाल करते हैं। आयुर्वेद के माध्यम से सदैव सुरक्षित जीवन के लिये एक योजना ‘वेद ज्ञान है...
य: पृथिवीं व्यथमानामदृृंहद् य: पर्वतान् प्रकुपितां अरम्णात्। यो अन्तरिक्षं विममे वरीयो यो द्यामस्तभनात् स जनास इन्द्र:।। ऋग्वेेद २/१२/२ अर्थ : जिसने परिभ्रमण करती हुई इस भूमि को स्थिर कर रखा है जिसने क्रुद्ध होते हुए...
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